Being Secular
भारतवर्ष (आर्यावर्त लिखूंगा तो लोग मुझे सांप्रदायिक कहेंगे) गंगा- जमुनी तहजीब का ये देश जहां वेदों की रचना हुई जहां अनेकों ऋषिमुनियो का वर्णन महाकाव्यों में भी मिलता है। जहां सत्य सर्वोपरि रहा है महाभारत और रामायण में भी इसी का वर्णन है। ज्ञान विज्ञान में भारत अपने पारंपरिक तरीकों से सुस्सजित एक भू भाग था। समाज में शायद तब कोई भेद भाव नहीं था सभी अपने कार्य कुशलता के अनुसार कार्य करते थे। जरूरत के हिसाब से सभी एक दूसरे की मदद करते थे । बड़े महान विद्वान शासकों ने भारतवर्ष पर राज किया और हमेशा इसकी समृद्धि बनाए रखी। भारत की नीव सत्य ,धार्मिकता पर टिकी हुई है। भारत में लोग सामाजिक आर्थिक सभी रूप से संपत्र थे जैसे जैसे समय निकलता गया इस भूमि पर लुटेरों का आक्रमण होना शुरू हुआ ( लुटेरा जो भारत को सिर्फ लूटने आया था) महमूद गजनी जिसने भारत को 17 बार लूटा (थानेसर कश्मीर मथुरा कन्नौज चंदेला ग्वालियर सोमनाथ) सब कुछ लुटा इन्होंने जितने भी हिन्दू मंदिर या इमारतें थी सब पूरी तरह से तोड़ी गई ( हिन्दू,जैन,बुद्ध सभी इमारतें) उन्हें बस इस्लाम का प्रचार करना था और लूटन...